कलयुगी भाई बना हैवान! सगे भाई की हत्या कर पत्नी को फंसाने रची खौफनाक साजिश, पुलिस ने खोला राज

Edited By Himansh sharma, Updated: 06 Jun, 2026 05:58 PM

brother kills brother family plot exposed

मध्य प्रदेश के इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है

इंदौर। (सच्ची बहरानी): मध्य प्रदेश के इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। यहां एक घर के भीतर न सिर्फ सगे भाई ने अपने भाई को मौत के घाट उतार दिया, बल्कि वारदात के बाद माता-पिता, भाभी और बहन के साथ मिलकर मृतक की पत्नी को ही हत्यारा साबित करने की साजिश रच डाली। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई झूठी कहानियां गढ़ीं, लेकिन द्वारकापुरी पुलिस की पैनी तफ्तीश और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आगे यह खौफनाक साजिश ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पुलिस ने हत्यारे भाई समेत परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, खून के रिश्तों के कत्ल और अपनों की खौफनाक गद्दारी की यह दास्तान इंदौर के सूर्यदेव नगर, नाथ मोहल्ला की है। घटना 4 जून की है, जब द्वारकापुरी पुलिस को सूचना मिली कि हरीश शितोले नामक युवक चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी अस्पताल में अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौत हो गई। मौत के तुरंत बाद मृतक की मां पुष्पा और आसपास की कुछ महिलाएं भागती हुई थाने पहुंचीं और रोने का नाटक करते हुए मृतक की पत्नी शीतल पर हरीश को चाकू मारने का संगीन आरोप लगा दिया।

पुलिस ने जब मामले की पड़ताल की तो एक बड़ा तकनीकी तथ्य सामने आया कि घटना के समय शीतल अपनी सुरक्षा के लिए थाने में ही मौजूद थी। जब परिवार का पहला झूठ पकड़ा गया तो उन्होंने पलक झपकते ही अपनी कहानी बदल दी और पुलिस को बताया कि हरीश ने खुद को चाकू मारकर आत्महत्या कर ली है।

बार-बार बदलते बयानों ने पुलिस का शक गहरा दिया। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर डीसीपी सुनील मेहता और एसीपी शिवेंदु जोशी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा की विशेष टीम ने जब घर के भीतर गहराई से जांच शुरू की तो परत-दर-परत सच सामने आता गया।

दरअसल, 4 जून को घर में हरीश की पत्नी शीतल के चरित्र को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि हरीश के भाई प्रद्युम्न और पिता नरेंद्र ने शीतल को धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। पीड़ित शीतल ने तुरंत अपने पति हरीश को फोन कर इसकी जानकारी दी, जिस पर हरीश ने उसे सीधे थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा।

इसके बाद जब हरीश खुद घर पहुंचा और पत्नी के साथ हुए दुर्व्यवहार का विरोध किया तो उसका अपने भाई प्रद्युम्न और पिता नरेंद्र से तीखा विवाद हो गया। इसी दौरान गुस्से में आकर प्रद्युम्न ने धारदार चाकू से हरीश की जांघ पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। जांघ की मुख्य नस कटने से हरीश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

वारदात के बाद आरोपी हरीश को एमवाय अस्पताल ले गए और वहां डॉक्टरों को गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि वह पहली मंजिल से गिरकर घायल हुआ है। हालांकि अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अस्पताल में हरीश ने दम तोड़ दिया।

हरीश की मौत के बाद पूरे परिवार ने मिलकर साक्ष्य मिटाने का षड्यंत्र रचा। हरीश की भाभी पूजा ने घटनास्थल पर फैले खून को पानी से धोकर साफ कर दिया और हत्या में इस्तेमाल चाकू को छिपा दिया। वहीं, बहन दीक्षा चावड़ा और मां पुष्पा पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानियां बुनती रहीं।

पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों और घटनाक्रम का मिलान किया तो पूरा परिवार बेनकाब हो गया। पुलिस ने हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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