Edited By Himansh sharma, Updated: 24 May, 2026 12:17 PM

छिंदवाड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन से ठीक पहले ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने धार्मिक और सामाजिक दोनों हलकों में चर्चा तेज कर दी।
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन से ठीक पहले ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने धार्मिक और सामाजिक दोनों हलकों में चर्चा तेज कर दी। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित गणेश प्रसाद सरल को देर रात पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया और बाद में न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।
मामला एक महिला द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोप से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर कथावाचक के समर्थक और आयोजन समिति इस कार्रवाई पर कई सवाल उठा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल शिकायत दर्ज होने के समय को लेकर उठ रहा है। आरोपित घटना 26 अप्रैल की बताई जा रही है, जबकि शिकायत करीब 23 दिन बाद दर्ज कराई गई। इसी अंतराल को लेकर समर्थकों का कहना है कि मामले की हर परत की निष्पक्ष और तकनीकी जांच जरूरी है।
इधर, कथित फोन कॉल और महिला द्वारा संपर्क किए जाने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव मानी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल एविडेंस और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए साइबर टीम की मदद ली जाएगी। आयोजन समिति ने इसे केवल कानूनी मामला नहीं बल्कि कथावाचक की बढ़ती लोकप्रियता और धार्मिक प्रभाव से जोड़ते हुए संभावित साजिश का एंगल भी बताया है।
फिलहाल इस मामले में दो पक्ष सामने हैं - एक तरफ महिला के आरोप, दूसरी तरफ कथावाचक और समर्थकों की ओर से लगाए जा रहे सवाल। अंतिम तस्वीर जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी।